भारतीय इतिहास अभ्यास सेट 84: 50 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (विस्तृत व्याख्या सहित) - History MCQs

परिचय (Introduction)

​इतिहास एक ऐसा विषय है जो किसी भी सरकारी परीक्षा में सफलता की कुंजी माना जाता है। चाहे वह प्राचीन भारत की समृद्ध संस्कृति हो, मध्यकालीन भारत का राजनीतिक घटनाक्रम हो या फिर आधुनिक भारत का स्वतंत्रता संग्राम—इनसे जुड़े प्रश्न हर परीक्षा का अनिवार्य हिस्सा होते हैं।

 

History quiz set 84

​आपकी तैयारी को और भी मजबूत और सटीक बनाने के लिए, हम लेकर आए हैं भारतीय इतिहास अभ्यास सेट - 84। इस सेट में 50 ऐसे बेहतरीन बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) शामिल किए गए हैं जो बार-बार परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। हर प्रश्न के नीचे दी गई 'विस्तृत व्याख्या' आपके सभी डाउट्स को क्लियर कर देगी। तो चलिए, अभ्यास शुरू करते हैं!

भारतीय इतिहास अभ्यास सेट - 84

Q1. ऋग्वेद में वर्णित 'ऋत' (Rta) की अवधारणा का मुख्य अर्थ क्या था?

(A) यज्ञ में दी जाने वाली आहुति

(B) राजा का दैवीय अधिकार

(C) प्राकृतिक, नैतिक और ब्रह्मांडीय व्यवस्था (Cosmic Order)

(D) कबीले की सबसे बड़ी सभा

उत्तर: (C) प्राकृतिक, नैतिक और ब्रह्मांडीय व्यवस्था (Cosmic Order)

व्याख्या: ऋग्वेद में 'ऋत' (Rta) एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा है जिसका अर्थ है वह सार्वभौमिक, प्राकृतिक और नैतिक नियम जो पूरे ब्रह्मांड को नियंत्रित करता है। सूर्य का उदय होना, ऋतुओं का बदलना आदि 'ऋत' के ही अधीन माने गए हैं। देवता 'वरुण' को ऋत का रक्षक (ऋतस्य गोपा) माना जाता था।

Q2. हड़प्पा सभ्यता की लिपि को अब तक पढ़ा नहीं जा सका है। इस लिपि के लिखने की शैली को, जिसमें पहली पंक्ति दाएं से बाएं और दूसरी पंक्ति बाएं से दाएं लिखी जाती थी, क्या कहा जाता है?

(A) खरोष्ठी लिपि

(B) ब्राह्मी शैली

(C) कीलाक्षर (Cuneiform)

(D) बुस्ट्रोफेडन (Boustrophedon)

उत्तर: (D) बुस्ट्रोफेडन (Boustrophedon)

व्याख्या: सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा) की लिपि भावचित्रात्मक (Pictographic) थी। इसके लिखने के तरीके को 'बुस्ट्रोफेडन' कहा जाता है। इसमें पहली लाइन दाएँ से बाएँ (Right to Left) और अगली लाइन बाएँ से दाएँ (Left to Right) लिखी जाती थी।

Q3. मौर्य सम्राट अशोक के किस शिलालेख में सीरिया, मिस्र, मैसिडोनिया, सायरिन और एपिरस के पांच यवन (Hellenistic) राजाओं का उल्लेख मिलता है, जहाँ अशोक ने धम्म प्रचारक भेजे थे?

(A) 13वां प्रमुख शिलालेख

(B) 10वां प्रमुख शिलालेख

(C) द्वितीय स्तंभ लेख

(D) 7वां प्रमुख शिलालेख

उत्तर: (A) 13वां प्रमुख शिलालेख

व्याख्या: अशोक के 13वें प्रमुख शिलालेख (Major Rock Edict XIII) में न केवल कलिंग युद्ध का वर्णन है, बल्कि उन पांच समकालीन यवन (ग्रीक) राजाओं का भी ज़िक्र है जिनके राज्यों में अशोक ने बौद्ध 'धम्म' के प्रचार के लिए दूत भेजे थे (जैसे सीरिया का राजा एंटीओकस)।

Q4. गुप्त काल में भूमि वर्गीकरण के अंतर्गत 'खिल' (Khila) शब्द का प्रयोग किस प्रकार की भूमि के लिए किया जाता था?

(A) रहने योग्य भूमि

(B) जोती न जाने वाली बंजर भूमि

(C) ब्राह्मणों को दान में दी गई भूमि

(D) अच्छी सिंचाई वाली कृषि भूमि

उत्तर: (B) जोती न जाने वाली बंजर भूमि

व्याख्या: गुप्त साम्राज्य में भूमि को कई वर्गों में बांटा गया था। 'क्षेत्र' वह भूमि थी जहाँ खेती होती थी, 'वास्तु' रहने योग्य भूमि थी, 'चरागाह' पशुओं के लिए थी, और 'खिल' (Khila) उस भूमि को कहते थे जो बंजर होती थी और जिसे जोता नहीं जाता था।

Q5. दक्षिण भारत के चोल प्रशासन में 'कुडवोलाई' (Kudavolai) प्रणाली का संबंध किससे था?

(A) ग्राम सभा (उर/महासभा) के सदस्यों के चुनाव की लॉटरी प्रणाली

(B) भूमि की माप और कर का निर्धारण

(C) विदेशी व्यापारियों को दिए गए लाइसेंस

(D) नौसेना की कमान का विभाजन

उत्तर: (A) ग्राम सभा (उर/महासभा) के सदस्यों के चुनाव की लॉटरी प्रणाली

व्याख्या: चोल साम्राज्य अपने उत्कृष्ट स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) के लिए प्रसिद्ध था। 'कुडवोलाई' एक लॉटरी प्रणाली थी जिसमें ताड़ के पत्तों पर उम्मीदवारों के नाम लिखकर एक बर्तन (घड़े) में डाल दिए जाते थे और एक छोटे बच्चे से पत्तियां निकलवाकर ग्राम सभा की समितियों (वरियम) के सदस्यों का चुनाव किया जाता था।

Q6. प्राचीन भारतीय 'गांधार कला शैली' में बुद्ध की मूर्तियों पर किस विदेशी कला का सबसे अधिक प्रभाव दिखाई देता है?

(A) फारसी (Persian) कला

(B) चीनी (Chinese) कला

(C) यूनानी-रोमन (Greco-Roman / Hellenistic) कला

(D) मिस्र (Egyptian) कला

उत्तर: (C) यूनानी-रोमन (Greco-Roman / Hellenistic) कला

व्याख्या: गांधार कला को 'इंडो-ग्रीक' या 'ग्रीको-बुद्धिस्ट' कला भी कहा जाता है। इसका विकास कुषाण काल में हुआ। इसमें बुद्ध की मूर्तियों के वस्त्र (सलवटें), घुंघराले बाल और शारीरिक बनावट पूरी तरह से यूनानी देवता अपोलो (Hellenistic art) से प्रेरित थे।

Q7. दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने गुलामों के लिए एक अलग विभाग 'दीवान-ए-बंदगान' (Diwan-i-Bandagan) की स्थापना की थी?

(A) अलाउद्दीन खिलजी

(B) फिरोज शाह तुगलक

(C) इल्तुतमिश

(D) गयासुद्दीन बलबन

उत्तर: (B) फिरोज शाह तुगलक

व्याख्या: फिरोज शाह तुगलक को दासों (गुलामों) का बहुत शौक था। उसके पास लगभग 1 लाख 80 हज़ार दास थे। उनकी देखभाल और शिक्षा-दीक्षा के लिए उसने एक अलग सरकारी विभाग 'दीवान-ए-बंदगान' की स्थापना की थी।

Q8. विजयनगर साम्राज्य की 'अमरनायक' (Amaranayaka) प्रणाली, जिसमें सैन्य कमांडरों को उनके रखरखाव के लिए क्षेत्र दिए जाते थे, किस मध्यकालीन प्रणाली से प्रेरित मानी जाती है?

(A) मुगलों की मनसबदारी प्रणाली

(B) मराठों की सरंजाम प्रणाली

(C) दिल्ली सल्तनत की इक्ता (Iqta) प्रणाली

(D) राजपूतों की जागीरदारी प्रणाली

उत्तर: (C) दिल्ली सल्तनत की इक्ता (Iqta) प्रणाली

व्याख्या: विजयनगर साम्राज्य की नायंकर (अमरनायक) प्रणाली बहुत हद तक दिल्ली सल्तनत की इक्ता प्रणाली के समान थी। इसमें राजा अपने नायकों (सैन्य कमांडरों) को वेतन के बदले भूमि (अमरम) देते थे, जिससे वे राजस्व वसूलते थे और राजा को सैन्य सहायता प्रदान करते थे।

Q9. सूफी दर्शन में 'वहदत-उल-वुजूद' (Wahdat-ul-Wujud) के सिद्धांत का क्या अर्थ है, जिसे इब्न अरबी ने प्रतिपादित किया था?

(A) ईश्वर और ब्रह्मांड का पूर्ण अलगाव

(B) अस्तित्व की एकता (Unity of Being) यानी ईश्वर ही एकमात्र सत्य है

(C) केवल इस्लामिक कानूनों का कठोर पालन

(D) संगीत और नृत्य के माध्यम से ईश्वर की प्राप्ति

उत्तर: (B) अस्तित्व की एकता (Unity of Being) यानी ईश्वर ही एकमात्र सत्य है

व्याख्या: 'वहदत-उल-वुजूद' का शाब्दिक अर्थ है 'अस्तित्व की एकता'। यह सिद्धांत मानता है कि सृष्टि में केवल एक ही परम सत्य (ईश्वर) है और बाकी सब कुछ उसी का प्रकटीकरण है। यह सिद्धांत हिंदू धर्म के 'अद्वैत वेदांत' के बहुत करीब है।

Q10. मुग़ल प्रशासन की 'दहसाला' (Zabti) भू-राजस्व प्रणाली के बारे में कौन सा कथन सही है?

(A) यह पूरी तरह से फसल के बंटवारे पर आधारित थी

(B) इसमें पिछले 10 वर्षों के औसत उत्पादन और कीमतों के आधार पर नकद राजस्व तय किया जाता था

(C) यह कर मुक्त भूमि का एक प्रकार था

(D) इसमें ज़मींदारों को भू-राजस्व का स्थायी मालिक बना दिया गया था

उत्तर: (B) इसमें पिछले 10 वर्षों के औसत उत्पादन और कीमतों के आधार पर नकद राजस्व तय किया जाता था

व्याख्या: 1580 में अकबर के वित्त मंत्री राजा टोडरमल ने यह व्यवस्था लागू की थी। इसमें पिछले 'दस साल' (दहसाला) की औसत पैदावार और बाज़ार कीमतों का हिसाब लगाकर राज्य का हिस्सा 1/3 तय किया जाता था जिसे नकद रूप में लिया जाता था।

Q11. 1665 की "पुरंदर की संधि" (Treaty of Purandar) मुग़ल साम्राज्य की ओर से किस राजपूत सेनापति और छत्रपति शिवाजी के बीच संपन्न हुई थी?

(A) राजा भगवान दास

(B) सवाई जय सिंह (जय सिंह द्वितीय)

(C) राजा मान सिंह

(D) मिर्ज़ा राजा जय सिंह (जय सिंह प्रथम)

उत्तर: (D) मिर्ज़ा राजा जय सिंह (जय सिंह प्रथम)

व्याख्या: औरंगजेब ने शिवाजी को कुचलने के लिए अपने सबसे योग्य सेनापति मिर्ज़ा राजा जय सिंह को भेजा था। 1665 ई. में शिवाजी और जय सिंह के बीच 'पुरंदर की संधि' हुई, जिसके तहत शिवाजी को अपने 35 में से 23 किले मुग़लों को सौंपने पड़े थे।

Q12. 1839 में 'तत्त्वबोधिनी सभा' की स्थापना किसने की थी, जिसका उद्देश्य उपनिषदों के विचारों का प्रसार करना था?

(A) केशव चंद्र सेन

(B) देवेन्द्रनाथ टैगोर

(C) राजा राममोहन राय

(D) ईश्वर चंद्र विद्यासागर

उत्तर: (B) देवेन्द्रनाथ टैगोर

व्याख्या: देवेन्द्रनाथ टैगोर (रवींद्रनाथ टैगोर के पिता) ने 1839 में 'तत्त्वबोधिनी सभा' की स्थापना की थी। इसका मुख्य उद्देश्य राजा राममोहन राय के विचारों और वेदांत/उपनिषदों का प्रसार करना था। बाद में 1859 में इसका विलय वापस ब्रह्म समाज में हो गया।

Q13. लॉर्ड वेलेज़ली की 'सहायक संधि' (Subsidiary Alliance) को स्वीकार करने वाले भारतीय शासक को मुख्य रूप से क्या छोड़ना पड़ता था?

(A) अपनी पूरी सेना और राजकोष

(B) अपने राज्य के भीतर किसी भी ब्रिटिश रेजीडेंट की नियुक्ति का अधिकार

(C) अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और अन्य राज्यों के साथ बिना अंग्रेजों की अनुमति के संबंध बनाने का अधिकार

(D) अपनी प्रजा पर कर लगाने का अधिकार

उत्तर: (C) अपनी स्वतंत्र विदेश नीति और अन्य राज्यों के साथ बिना अंग्रेजों की अनुमति के संबंध बनाने का अधिकार

व्याख्या: लॉर्ड वेलेजली की सहायक संधि स्वीकार करने वाले भारतीय राजाओं की विदेशी नीति (Foreign Policy) पूरी तरह से अंग्रेजों के नियंत्रण में आ जाती थी। वे अंग्रेज़ों की अनुमति के बिना किसी अन्य राज्य से न तो युद्ध कर सकते थे और न ही कोई संधि कर सकते थे।

Q14. 1883 के प्रसिद्ध 'इल्बर्ट बिल विवाद' (Ilbert Bill Controversy) का मूल कारण क्या था?

(A) भारतीय प्रेस पर लगाए गए कठोर प्रतिबंध

(B) यूरोपीय अपराधियों के मामलों की सुनवाई भारतीय न्यायाधीशों द्वारा किए जाने का प्रस्ताव

(C) भारतीय सिविल सेवा (ICS) की आयु सीमा घटाना

(D) नमक कर में भारी वृद्धि

उत्तर: (B) यूरोपीय अपराधियों के मामलों की सुनवाई भारतीय न्यायाधीशों द्वारा किए जाने का प्रस्ताव

व्याख्या: लॉर्ड रिपन के समय लाए गए इस बिल में यह प्रस्ताव था कि भारतीय जज भी अंग्रेज़ (यूरोपीय) अपराधियों के मुकदमों की सुनवाई कर सकेंगे। अंग्रेजों ने इसे अपना अपमान समझा और इसका भारी विरोध किया (श्वेत विद्रोह), जिसके कारण बिल को बदलना पड़ा।

Q15. क्रांतिकारी संगठन 'हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) के प्रसिद्ध घोषणापत्र 'द फिलॉस्फी ऑफ द बॉम्ब' (बम का दर्शन) का मसौदा किसने तैयार किया था?

(A) चंद्रशेखर आज़ाद

(B) भगत सिंह

(C) भगवती चरण वोहरा

(D) शचींद्रनाथ सान्याल

उत्तर: (C) भगवती चरण वोहरा

व्याख्या: गांधीजी द्वारा क्रांतिकारियों की आलोचना (कल्ट ऑफ बम) के जवाब में प्रसिद्ध क्रांतिकारी भगवती चरण वोहरा ने 'द फिलॉस्फी ऑफ द बॉम्ब' (The Philosophy of the Bomb) नामक एक शानदार दस्तावेज़ लिखा था, जिसमें उन्होंने क्रांति और सशस्त्र संघर्ष के दर्शन को सही ठहराया था।

Q16. 'भारत सरकार अधिनियम 1935' के तहत केंद्र और प्रांतों के बीच शक्तियों के विभाजन के बाद, 'अवशिष्ट शक्तियाँ' (Residuary Powers) किसे सौंपी गई थीं?

(A) संघीय विधायिका को

(B) प्रांतीय गवर्नरों को

(C) गवर्नर-जनरल / वायसराय को

(D) ब्रिटिश संसद को

उत्तर: (C) गवर्नर-जनरल / वायसराय को

व्याख्या: 1935 के अधिनियम के तहत विषयों को तीन सूचियों (संघीय, प्रांतीय और समवर्ती) में बांटा गया था। लेकिन जो विषय इन तीनों में से किसी में नहीं थे (अवशिष्ट शक्तियाँ), उन पर कानून बनाने का अधिकार सीधे गवर्नर-जनरल (वायसराय) को दिया गया था।

Q17. 1946 की 'कैबिनेट मिशन योजना' (Cabinet Mission Plan) ने निम्नलिखित में से किस प्रमुख मांग को स्पष्ट रूप से खारिज (Reject) कर दिया था?

(A) एक अलग और संप्रभु पाकिस्तान के निर्माण की मांग

(B) प्रांतीय स्वायत्तता

(C) भारत के लिए संविधान सभा का गठन

(D) एक अंतरिम सरकार की स्थापना

उत्तर: (A) एक अलग और संप्रभु पाकिस्तान के निर्माण की मांग

व्याख्या: कैबिनेट मिशन ने मुस्लिम लीग की एक अलग 'पाकिस्तान' बनाने की मांग को यह कहकर पूरी तरह खारिज कर दिया था कि यह प्रशासनिक और व्यावहारिक दृष्टि से संभव नहीं है। इसके बजाय उसने एक ढीले संघ (Loose Federation) का प्रस्ताव रखा था।

Q18. 1855-56 में राजमहल की पहाड़ियों के आस-पास का क्षेत्र 'दामिन-ए-कोह' (Damin-i-Koh) किस जनजाति के ऐतिहासिक विद्रोह का मुख्य केंद्र था?

(A) मुंडा

(B) संथाल

(C) भील

(D) खासी

उत्तर: (B) संथाल

व्याख्या: राजमहल की पहाड़ियों (झारखंड/बिहार) के पास संथालों की भूमि को 'दामिन-ए-कोह' कहा जाता था। साहूकारों और अंग्रेजों के शोषण के खिलाफ सिद्धू और कान्हू के नेतृत्व में 1855-56 में यहीं पर ऐतिहासिक संथाल विद्रोह (हूल) हुआ था।

Q19. 1924 का 'वायकोम सत्याग्रह' (Vaikom Satyagraha), जो केरल में हुआ था, का मुख्य उद्देश्य क्या था?

(A) किसानों के लगान में कमी

(B) ब्रिटिश नमक कर का विरोध

(C) 'अवर्णों' (निचली जातियों) के लिए मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कों के उपयोग का अधिकार

(D) महिलाओं के लिए मताधिकार

उत्तर: (C) 'अवर्णों' (निचली जातियों) के लिए मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कों के उपयोग का अधिकार

व्याख्या: केरल के त्रावणकोर में निचली जातियों (एझावा और थिया) को मंदिर तो दूर, मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों पर चलने का भी अधिकार नहीं था। इसके खिलाफ टी. के. माधवन और के. केलप्पन के नेतृत्व में यह सफल अहिंसक सत्याग्रह चलाया गया था।

Q20. प्रथम गोलमेज सम्मेलन (First Round Table Conference, 1930) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

(A) इसमें महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया था

(B) इसमें सविनय अवज्ञा आंदोलन को रोकने पर सहमति बनी थी

(C) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस सम्मेलन का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया था

(D) इसमें 'पूर्ण स्वराज्य' की मांग को स्वीकार कर लिया गया था

उत्तर: (C) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस सम्मेलन का पूर्ण रूप से बहिष्कार किया था

व्याख्या: 1930 में लंदन में हुए पहले गोलमेज सम्मेलन का कांग्रेस ने पूर्ण बहिष्कार किया था क्योंकि उस समय भारत में सविनय अवज्ञा आंदोलन चल रहा था। गांधीजी ने कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में भाग लिया था।

Q21. जैन दर्शन के अनुसार 'त्रिरत्न' (Three Jewels) में क्या शामिल है, जो मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है?

(A) सम्यक् ज्ञान, सम्यक् ध्यान, सम्यक् तप

(B) सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् आचरण (चरित्र)

(C) सम्यक् वाणी, सम्यक् कर्म, सम्यक् आजीविका

(D) सम्यक् विश्वास, सम्यक् शांति, सम्यक् अहिंसा

उत्तर: (B) सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् आचरण (चरित्र)

व्याख्या: जैन धर्म में कर्मों के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष (कैवल्य) प्राप्त करने के लिए त्रिरत्न का पालन करना आवश्यक बताया गया है। ये त्रिरत्न हैं: सम्यक् दर्शन (सही विश्वास), सम्यक् ज्ञान (सच्चा ज्ञान) और सम्यक् आचरण (सही चरित्र)।

Q22. सातवाहन राजवंश की एक अनूठी सामाजिक विशेषता क्या थी?

(A) उन्होंने सिक्कों का पूर्ण बहिष्कार किया था

(B) राजाओं के नाम उनकी माताओं के नाम पर (Matronymic) रखे जाते थे, यद्यपि राजसिंहासन पितृसत्तात्मक था

(C) उन्होंने केवल जैन धर्म को राज्याश्रय दिया था

(D) समाज पूरी तरह से मातृसत्तात्मक (Matriarchal) था

उत्तर: (B) राजाओं के नाम उनकी माताओं के नाम पर रखे जाते थे, यद्यपि राजसिंहासन पितृसत्तात्मक था

व्याख्या: सातवाहन शासक अपने नाम से पहले अपनी माता का नाम लगाते थे (जैसे—गौतमीपुत्र शातकर्णी, वासिष्ठीपुत्र पुलुमावी)। हालांकि, यह समाज पूरी तरह से मातृसत्तात्मक नहीं था क्योंकि सिंहासन पर अधिकार पिता के बाद पुत्र का ही होता था।

Q23. भारत के किस दार्शनिक संप्रदाय (School of Philosophy) के प्रवर्तक महर्षि कपिल माने जाते हैं, जो दुनिया को प्रकृति (Matter) और पुरुष (Consciousness) के द्वैतवाद के रूप में समझाता है?

(A) न्याय दर्शन

(B) योग दर्शन

(C) सांख्य दर्शन

(D) वैशेषिक दर्शन

उत्तर: (C) सांख्य दर्शन

व्याख्या: सांख्य दर्शन भारत के सबसे प्राचीन दर्शनों में से एक है जिसके प्रणेता महर्षि कपिल थे। यह दर्शन मानता है कि संसार की उत्पत्ति ईश्वर से नहीं बल्कि 'प्रकृति' (Nature/Matter) और 'पुरुष' (आत्मा/Consciousness) के योग से हुई है।

Q24. सुल्तान इल्तुतमिश ने दिल्ली सल्तनत की मुद्रा प्रणाली में सुधार करते हुए दो नए प्रमुख सिक्के चलाए। 'टंका' (Tanka) और 'जीतल' (Jital) क्रमशः किन धातुओं के बने थे?

(A) टंका सोने का, जीतल तांबे का

(B) टंका चांदी का, जीतल सोने का

(C) टंका चांदी का, जीतल तांबे का

(D) टंका तांबे का, जीतल लोहे का

उत्तर: (C) टंका चांदी का, जीतल तांबे का

व्याख्या: इल्तुतमिश दिल्ली सल्तनत का पहला सुल्तान था जिसने शुद्ध अरबी शैली के सिक्के चलाए। उसने चांदी का सिक्का 'टंका' (Tanka - 175 ग्रेन) और तांबे का सिक्का 'जीतल' (Jital) चलाया था।

Q25. दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान ने 'बाज़ार नियंत्रण प्रणाली' लागू की और 'शहना-ए-मंडी' नामक अधिकारी नियुक्त किया?

(A) बलबन

(B) अलाउद्दीन खिलजी

(C) फिरोज शाह तुगलक

(D) सिकंदर लोदी

उत्तर: (B) अलाउद्दीन खिलजी

व्याख्या: अलाउद्दीन खिलजी ने मंगोलों का सामना करने के लिए एक विशाल स्थायी सेना रखी। सैनिकों को कम वेतन में गुज़ारा करने में दिक्कत न हो, इसके लिए उसने बाज़ार में हर चीज़ के दाम फिक्स कर दिए थे और निगरानी के लिए 'शहना-ए-मंडी' नामक अधिकारी नियुक्त किया था।

Q26. मुग़ल सम्राट औरंगजेब ने किस वर्ष गैर-मुस्लिमों पर लगने वाले 'जज़िया' (Jizya) कर को पुनः लागू कर दिया था, जिसे अकबर ने समाप्त कर दिया था?

(A) 1658

(B) 1665

(C) 1679

(D) 1707

उत्तर: (C) 1679

व्याख्या: अकबर ने 1564 में जजिया कर हटा दिया था। लेकिन औरंगजेब ने अपनी कट्टर धार्मिक नीतियों के चलते और राजपूतों तथा मराठों के खिलाफ युद्ध के खर्च को पूरा करने के लिए 1679 ई. में जजिया को फिर से लागू कर दिया।

Q27. शिवाजी के 'अष्टप्रधान' में 'अमात्य' (मजूमदार) का मुख्य दायित्व क्या होता था?

(A) विदेशी मामलों का प्रबंधन

(B) धार्मिक अनुष्ठानों की देखरेख

(C) सैन्य रसद और घुड़सवार सेना का नियंत्रण

(D) राज्य के वित्त, आय और व्यय (Finance) का लेखा-जोखा रखना

उत्तर: (D) राज्य के वित्त, आय और व्यय (Finance) का लेखा-जोखा रखना

व्याख्या: छत्रपति शिवाजी की अष्टप्रधान (आठ मंत्रियों की परिषद) में 'अमात्य' या 'मजूमदार' का पद आधुनिक वित्त मंत्री (Finance Minister) के समान था। वह राज्य के सभी खातों, आय और व्यय की जाँच और प्रबंधन करता था।

Q28. 1822 में होल्ट मैकेंज़ी (Holt Mackenzie) द्वारा उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में शुरू की गई 'महालवाड़ी व्यवस्था' (Mahalwari System) में 'महाल' का क्या अर्थ था?

(A) एक बड़ा जमींदार

(B) कर वसूलने वाला ब्रिटिश अधिकारी

(C) एक गाँव या गांवों का समूह, जिसे राजस्व मूल्यांकन की इकाई माना जाता था

(D) एक प्रकार का बंजर क्षेत्र

उत्तर: (C) एक गाँव या गांवों का समूह, जिसे राजस्व मूल्यांकन की इकाई माना जाता था

व्याख्या: महालवाड़ी व्यवस्था उत्तर-पश्चिम प्रांत, पंजाब और मध्य प्रांत में लागू की गई थी। इसमें भू-राजस्व की इकाई किसी एक किसान का खेत न होकर पूरा का पूरा गाँव या गाँवों का समूह होता था, जिसे 'महाल' (Mahal) कहा जाता था। लगान वसूलने की ज़िम्मेदारी गाँव के मुखिया (लंबरदार) की होती थी।

Q29. ब्रिटिश काल में भारत में 'कृषि के व्यावसायीकरण' (Commercialization of Agriculture) का सबसे नकारात्मक प्रभाव क्या पड़ा?

(A) किसानों की आय में भारी वृद्धि हुई

(B) खाद्यान्न फसलों के बजाय नकदी फसलों (Cash Crops) के उत्पादन पर जोर दिया गया, जिससे बार-बार अकाल पड़े

(C) ग्रामीण ऋणग्रस्तता समाप्त हो गई

(D) कृषि में आधुनिक मशीनों का बड़े पैमाने पर प्रयोग हुआ

उत्तर: (B) खाद्यान्न फसलों के बजाय नकदी फसलों (Cash Crops) के उत्पादन पर जोर दिया गया, जिससे बार-बार अकाल पड़े

व्याख्या: अंग्रेज़ों ने किसानों को गेहूं-चावल (खाद्यान्न) उगाने के बजाय नील, कपास, अफीम और जूट जैसी नकदी फसलें उगाने के लिए मजबूर किया, जिन्हें वे विदेशों में बेचते थे। इससे भारत में अनाज की भारी कमी हो गई और लगातार अकाल पड़ने लगे।

Q30. 1916 में एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक द्वारा शुरू किए गए 'होम रूल लीग' (Home Rule League) आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

(A) ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर भारत के लिए स्वशासन (Self-government) प्राप्त करना

(B) भारत को तुरंत एक पूर्ण संप्रभु गणराज्य घोषित करना

(C) विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करना और स्वदेशी को बढ़ावा देना

(D) ब्रिटिश सेना में भारतीयों के प्रवेश को रोकना

उत्तर: (A) ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर भारत के लिए स्वशासन (Self-government) प्राप्त करना

व्याख्या: आयरलैंड की तर्ज पर शुरू किए गए इस आंदोलन का उद्देश्य अंग्रेज़ों को भारत से बाहर निकालना नहीं था, बल्कि ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन रहते हुए भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेटस' या स्वशासन (Home Rule) प्राप्त करना था।

Q31. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान 'खिलाफत आंदोलन' (Khilafat Movement) को किस अन्य प्रमुख जन-आंदोलन के साथ मिला दिया गया था?

(A) स्वदेशी आंदोलन

(B) भारत छोड़ो आंदोलन

(C) असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement)

(D) सविनय अवज्ञा आंदोलन

उत्तर: (C) असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation Movement)

व्याख्या: महात्मा गांधी ने महसूस किया कि खिलाफत का मुद्दा हिंदुओं और मुसलमानों को अंग्रेज़ों के खिलाफ एकजुट करने का एक सुनहरा अवसर है। इसलिए 1920 में उन्होंने खिलाफत आंदोलन का समर्थन करते हुए इसे अपने 'असहयोग आंदोलन' के साथ मिला लिया।

Q32. 1927 में भारत भेजे गए 'साइमन कमीशन' का भारतीय नेताओं द्वारा 'श्वेत कमीशन' (White Commission) कहकर पूर्ण बहिष्कार क्यों किया गया?

(A) क्योंकि इसने सांप्रदायिक पंचाट की घोषणा की थी

(B) क्योंकि इसमें कोई भी भारतीय सदस्य शामिल नहीं था

(C) क्योंकि इसने डोमिनियन स्टेटस देने से मना कर दिया था

(D) क्योंकि यह भारत को विभाजित करने के इरादे से आया था

उत्तर: (B) क्योंकि इसमें कोई भी भारतीय सदस्य शामिल नहीं था

व्याख्या: 1919 के एक्ट की समीक्षा के लिए सर जॉन साइमन की अध्यक्षता में बने इस कमीशन में सभी सात सदस्य अंग्रेज़ थे। एक भी भारतीय को शामिल न किए जाने को भारतियों ने अपना अपमान समझा और "साइमन गो बैक" के नारों के साथ इसका बहिष्कार किया।

Q33. 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' (Quit India Movement) के दौरान बलिया, सतारा और तामलुक जैसे स्थानों की सबसे प्रमुख विशेषता क्या थी?

(A) यहाँ ब्रिटिश सेना ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया था

(B) यहाँ कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को गुप्त रूप से रखा गया था

(C) यहाँ स्थानीय नेताओं द्वारा 'समानांतर सरकारें' (Parallel Governments) स्थापित की गई थीं

(D) यहाँ भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) ने पहला आक्रमण किया था

उत्तर: (C) यहाँ स्थानीय नेताओं द्वारा 'समानांतर सरकारें' (Parallel Governments) स्थापित की गई थीं

व्याख्या: भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान इन स्थानों पर क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश सत्ता को पूरी तरह से उखाड़ फेंका था और अपनी खुद की स्वतंत्र सरकारें (Parallel Governments) स्थापित कर ली थीं (जैसे बलिया में चित्तू पांडे की सरकार)।

Q34. 18 जुलाई 1947 को ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम' (Indian Independence Act 1947) के तहत क्या प्रावधान नहीं था?

(A) भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन की स्थापना

(B) ब्रिटिश क्राउन से 'भारत के सम्राट' की उपाधि का समाप्त होना

(C) देशी रियासतों (Princely States) पर ब्रिटिश सर्वोच्चता (Paramountcy) का अंत

(D) पाकिस्तान के लिए एक अलग संविधान सभा के गठन पर रोक

उत्तर: (D) पाकिस्तान के लिए एक अलग संविधान सभा के गठन पर रोक

व्याख्या: इस अधिनियम ने भारत को दो स्वतंत्र डोमिनियन (भारत और पाकिस्तान) में विभाजित कर दिया था। दोनों राष्ट्रों को अपने-अपने लिए अलग संविधान सभा बनाने और स्वतंत्र रूप से संविधान निर्माण करने का पूरा अधिकार दिया गया था (रोक नहीं लगाई गई थी)।

Q35. प्राचीन भारतीय ग्रंथों में वर्णित 'वर्णसंकर' (Varnasankara) की अवधारणा का क्या अर्थ है?

(A) समाज में विभिन्न वर्गों का शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व

(B) विभिन्न वर्णों के बीच अंतर्विवाह (Intermarriage) के परिणामस्वरुप उत्पन्न संतान

(C) ब्राह्मणों द्वारा क्षत्रियों को दिया जाने वाला धार्मिक दंड

(D) यज्ञ के दौरान गाया जाने वाला एक विशेष मंत्र

उत्तर: (B) विभिन्न वर्णों के बीच अंतर्विवाह (Intermarriage) के परिणामस्वरुप उत्पन्न संतान

व्याख्या: धर्मशास्त्रों और स्मृतियों में जब अलग-अलग वर्णों (जातियों) के पुरुष और स्त्री के बीच विवाह (अनुलोम या प्रतिलोम विवाह) होता था, तो उनसे उत्पन्न होने वाली संतान और उससे बनी नई जातियों को 'वर्णसंकर' कहा जाता था।

Q36. अजंता की गुफा संख्या 1 में स्थित एक प्रसिद्ध भित्ति चित्र (Mural Painting) में एक बोधिसत्व को हाथ में कमल का फूल लिए दर्शाया गया है। यह किस बोधिसत्व का चित्र है?

(A) मैत्रेय

(B) मंजुश्री

(C) पद्मपाणि (अवलोकितेश्वर)

(D) वज्रपाणि

उत्तर: (C) पद्मपाणि (अवलोकितेश्वर)

व्याख्या: अजंता (महाराष्ट्र) की गुफा संख्या 1 में 'बोधिसत्व पद्मपाणि' का विश्व प्रसिद्ध चित्र है। इसमें अवलोकितेश्वर को अत्यंत शांत और करुणामय मुद्रा में हाथ में नीला कमल (पद्म) धारण किए हुए दिखाया गया है।

Q37. मुग़ल मनसबदारी व्यवस्था के संदर्भ में, 'ज़ात' (Zat) और 'सवार' (Sawar) पदों से क्रमशः क्या निर्धारित होता था?

(A) ज़ात - भूमि का आकार, सवार - कर की मात्रा

(B) ज़ात - पैदल सैनिक, सवार - तोपखाना

(C) ज़ात - मनसबदार का व्यक्तिगत पद और वेतन, सवार - उसे कितने घुड़सवार रखने हैं, इसकी संख्या

(D) ज़ात - नागरिक प्रशासन, सवार - न्यायपालिका

उत्तर: (C) ज़ात - मनसबदार का व्यक्तिगत पद और वेतन, सवार - उसे कितने घुड़सवार रखने हैं, इसकी संख्या

व्याख्या: अकबर द्वारा शुरू की गई मनसबदारी व्यवस्था में 'ज़ात' से अधिकारी की रैंक और उसका व्यक्तिगत वेतन तय होता था। 'सवार' यह तय करता था कि उस मनसबदार को मुग़ल सेना के लिए कितने घुड़सवार सैनिक (Cavalry) अपने अधीन रखने हैं।

Q38. दादाभाई नौरोजी ने पहली बार भारत से 'धन की निकासी' (Drain of Wealth) के अपने सिद्धांत को 1867 में किस शीर्षक वाले लेख में प्रस्तुत किया था?

(A) पॉवर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया

(B) द रुइन ऑफ़ इंडियन इकॉनमी

(C) इंग्लैंड्स डेब्ट टू इंडिया (England's Debt to India)

(D) द वांट्स एंड मीन्स ऑफ़ इंडिया

उत्तर: (C) इंग्लैंड्स डेब्ट टू इंडिया (England's Debt to India)

व्याख्या: 'ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया' दादाभाई नौरोजी ने 1867 में लंदन में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की बैठक में "England's Debt to India" नामक एक लेख पढ़ा था, जिसमें उन्होंने पहली बार दुनिया को बताया था कि अंग्रेज़ कैसे भारत का धन चूसकर ब्रिटेन ले जा रहे हैं।

Q39. 1849 में कलकत्ता में स्थापित 'हिंदू बालिका विद्यालय' (बाद में बेथ्यून स्कूल), जो भारत में महिलाओं की धर्मनिरपेक्ष शिक्षा का पहला सशक्त प्रयास था, की स्थापना किसने की थी?

(A) राजा राममोहन राय

(B) जे. ई. डी. बेथ्यून (J.E.D. Bethune)

(C) ईश्वर चंद्र विद्यासागर

(D) स्वामी विवेकानंद

उत्तर: (B) जे. ई. डी. बेथ्यून (J.E.D. Bethune)

व्याख्या: भारत में स्त्री शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ईश्वर चंद्र विद्यासागर के सहयोग से जे. ई. डी. बेथ्यून (जो काउंसिल ऑफ एजुकेशन के अध्यक्ष थे) ने 1849 में कलकत्ता में लड़कियों के लिए इस पहले धर्मनिरपेक्ष स्कूल की स्थापना की थी।

Q40. 1944 में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी द्वारा प्रस्तुत 'सी.आर. फॉर्मूला' (C.R. Formula) का मुख्य उद्देश्य क्या था?

(A) क्रिप्स मिशन के प्रस्तावों का समर्थन करना

(B) ब्रिटिश सरकार पर तुरंत आज़ादी के लिए दबाव डालना

(C) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच राजनीतिक गतिरोध को दूर करना

(D) भारत छोड़ो आंदोलन को स्थगित करना

उत्तर: (C) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच राजनीतिक गतिरोध को दूर करना

व्याख्या: सी. राजगोपालाचारी ने भारत की आज़ादी के लिए कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौते का एक फॉर्मूला दिया था। इसमें कहा गया था कि लीग स्वतंत्रता की मांग का समर्थन करे और युद्ध के बाद मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में जनमत संग्रह कराकर पाकिस्तान की मांग पर फैसला किया जाएगा। हालांकि जिन्ना ने इसे खारिज कर दिया था।

Q41. वैदिक काल के प्रसिद्ध 'दाशराज्ञ युद्ध' (दस राजाओं का युद्ध) का वर्णन ऋग्वेद में मिलता है। यह युद्ध किस नदी के तट पर लड़ा गया था?

(A) वितस्ता (झेलम)

(B) परुष्णी (रावी)

(C) विपाशा (व्यास)

(D) असीकनी (चिनाब)

उत्तर: (B) परुष्णी (रावी)

व्याख्या: ऋग्वेद के सातवें मंडल में वर्णित इस प्रसिद्ध युद्ध में भरत कबीले के राजा सुदास ने वशिष्ठ ऋषि के नेतृत्व में 'परुष्णी' (वर्तमान रावी) नदी के तट पर दस अन्य राजाओं (आर्य और अनार्य) के संघ को पराजित किया था।

Q42. मध्यकालीन निर्गुण संत कबीरदास किसके समकालीन थे?

(A) अलाउद्दीन खिलजी

(B) सिकंदर लोदी

(C) अकबर

(D) इल्तुतमिश

उत्तर: (B) सिकंदर लोदी

व्याख्या: भक्ति आंदोलन के महान निर्गुण संत कबीरदास जी (15वीं-16वीं शताब्दी) दिल्ली सल्तनत के लोदी वंश के शासक 'सिकंदर लोदी' के समकालीन थे।

Q43. 1802 की 'बेसीन की संधि' (Treaty of Bassein), जो मराठा साम्राज्य के पतन का एक बड़ा कारण बनी, किस पेशवा द्वाारा अंग्रेजों के साथ हस्ताक्षरित की गई थी?

(A) माधवराव

(B) नारायणराव

(C) बाजीराव द्वितीय (Baji Rao II)

(D) बाजीराव प्रथम

उत्तर: (C) बाजीराव द्वितीय (Baji Rao II)

व्याख्या: मराठा सरदारों (खासकर यशवंतराव होल्कर) से हारने के बाद अपनी सत्ता बचाने के लिए कायर पेशवा बाजीराव द्वितीय ने अंग्रेजों की शरण ली और 1802 में लॉर्ड वेलेजली की अपमानजनक 'सहायक संधि' (बेसीन की संधि) पर हस्ताक्षर कर दिए, जिससे मराठों की स्वतंत्रता छिन गई।

Q44. दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला (द्रविड़ शैली) की सबसे विशिष्ट विशेषता, जो मुख्य गर्भगृह के ऊपर एक पिरामिडनुमा संरचना होती है, क्या कहलाती है?

(A) मंडप

(B) गोपुरम

(C) विमान (Vimana)

(D) तोरण

उत्तर: (C) विमान (Vimana)

व्याख्या: द्रविड़ शैली के मंदिरों (जैसे तंजौर का बृहदेश्वर मंदिर) में मुख्य देवता जहाँ स्थापित होते हैं (गर्भगृह), उसके ठीक ऊपर एक बहुमंजिला सीढ़ीदार पिरामिड के आकार का ऊंचा शिखर होता है जिसे वास्तुकला में 'विमान' कहा जाता है।

Q45. मलिक मुहम्मद जायसी द्वारा अवधी भाषा में में रचित प्रसिद्ध सूफी महाकाव्य 'पद्मावत' किस शासक के शासनकाल में पूरा हुआ था?

(A) अलाउद्दीन खिलजी

(B) अकबर

(C) शेर शाह सूरी

(D) औरंगजेब

उत्तर: (C) शेर शाह सूरी

व्याख्या: 'पद्मावत' की कहानी भले ही 1303 के अलाउद्दीन खिलजी और रानी पद्मिनी से जुड़ी है, लेकिन इस महाकाव्य की रचना भक्तिकाल के निर्गुण सूफी कवि मलिक मुहम्मद जायसी ने लगभग 1540 ई. में 'शेर शाह सूरी' के शासनकाल में की थी।

Q46. 1907 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ऐतिहासिक 'सूरत विभाजन' (Surat Split) के समय कांग्रेस का अध्यक्ष कौन था?

(A) रासबिहारी घोष

(B) दादाभाई नौरोजी

(C) लाला लाजपत राय

(D) बाल गंगाधर तिलक

उत्तर: (A) रासबिहारी घोष

व्याख्या: 1907 में सूरत में हुए कांग्रेस अधिवेशन में 'नरम दल' और 'गरम दल' के बीच वैचारिक और अध्यक्ष पद को लेकर विवाद हुआ था। गरम दल के लोग लाला लाजपत राय को अध्यक्ष बनाना चाहते थे, लेकिन अंततः नरम दल के नेता 'रासबिहारी घोष' को अध्यक्ष बनाया गया, जिससे कांग्रेस का विभाजन हो गया।

Q47. प्राचीन काल के प्रसिद्ध ग्रंथ 'मिलिंदपन्हो' (मिलिंद के प्रश्न) में इंडो-ग्रीक राजा मिनांडर और किस बौद्ध भिक्षु के बीच दार्शनिक संवाद का वर्णन है?

(A) वसुमित्र

(B) नागसेन (Nagasena)

(C) अश्वघोष

(D) नागार्जुन

उत्तर: (B) नागसेन (Nagasena)

व्याख्या: 'मिलिंदपन्हो' (पाली भाषा का ग्रंथ) में इंडो-ग्रीक (हिंद-यवन) राजा मिनांडर (मिलिंद) द्वारा बौद्ध धर्म और दर्शन के बारे में पूछे गए प्रश्न और महान बौद्ध भिक्षु 'नागसेन' द्वारा दिए गए उनके उत्तरों का उत्कृष्ट संकलन है।

Q48. 'इलाहाबाद स्तंभ लेख' (प्रयाग प्रशस्ति), जो गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त की विजयों का विस्तृत विवरण देता है, की रचना किसने की थी?

(A) रविकीर्ति

(B) कालिदास

(C) बाणभट्ट

(D) हरिषेण (Harishena)

उत्तर: (D) हरिषेण (Harishena)

व्याख्या: प्रयाग प्रशस्ति की रचना समुद्रगुप्त के दरबारी कवि और संधिविग्रहिक (मंत्री) 'हरिषेण' ने चम्पू काव्य शैली (गद्य और पद्य का मिश्रण) में शुद्ध संस्कृत भाषा में की थी। यह अशोक के ही एक पुराने स्तंभ पर उत्कीर्ण है।

Q49. 1917 में भारत सरकार द्वारा गठित 'सैडलर आयोग' (Sadler Commission) का मुख्य उद्देश्य किसकी समस्याओं का अध्ययन करना था?

(A) कलकत्ता विश्वविद्यालय

(B) प्राथमिक शिक्षा

(C) भारतीय पुलिस व्यवस्था

(D) अकाल राहत उपाय

उत्तर: (A) कलकत्ता विश्वविद्यालय

व्याख्या: माइकल सैडलर की अध्यक्षता में 1917 में कलकत्ता विश्वविद्यालय आयोग (सैडलर आयोग) का गठन किया गया था। इसका मुख्य काम कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं और कमियों का अध्ययन कर उनमें सुधार के उपाय सुझाना था। इसमें भारतीय सदस्य आशुतोष मुखर्जी और जियाउद्दीन अहमद भी शामिल थे।

Q50. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा 3 जून 1947 की 'माउंटबेटन योजना' (Mountbatten Plan) को आधिकारिक रुप से दिल्ली अधिवेशन में कब स्वीकार किया गया था?

(A) 3 जून 1947

(B) 15 जून 1947

(C) 14 अगस्त 1947

(D) 18 जुलाई 1947

उत्तर: (B) 15 जून 1947

व्याख्या: 3 जून 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने भारत विभाजन की योजना प्रस्तुत की थी। भारी विरोध और बहस के बाद, अंततः 15 जून 1947 को दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अधिवेशन में गोविंद वल्लभ पंत द्वारा प्रस्तुत विभाजन के इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई थी।

निष्कर्ष (Conclusion)

​प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) का निरंतर अभ्यास ही सफलता का सबसे कारगर तरीका है। इतिहास अभ्यास सेट - 84 में हमने उन कॉन्सेप्ट्स को चुना है जहाँ से आयोग सबसे ज्यादा सवाल फंसाता है।

​हर प्रश्न की व्याख्या में छिपे तथ्यों को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि अक्सर परीक्षा में मुख्य प्रश्न के बजाय उसकी व्याख्या से जुड़े सवाल पूछ लिए जाते हैं। अगर यह सेट आपकी तैयारी में मददगार साबित हुआ हो, तो इसे अपने सहपाठियों के साथ शेयर करना न भूलें।

आप 50 में से कितने सवालों के सही जवाब दे पाए? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!

Aman Tiwari

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम है अमन।

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